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रविवार, 22 जुलाई 2012


अंदमान निकोबार में क्रांतिकारियों को हथकड़ी बांधकर कोड़े लगते हुए।
पीछे कोल्हू चलते क्रांतिकारियों का मॉडल ..जितना एक बैल निकल सकता है उससे अधिक तेल उन्हें निकलना पड़ता था।..

 सेल्लुलर जेल के गलियारे में जो आज से 70 वर्ष पहले तक भारत माता की जय तथा वन्दे मातरम के नारों से गूंजता था।.



    वीर सावरकर की कोठरी के बाहर।.


अंडमान की जेल हमारा राष्ट्रीय तीर्थ स्थान है।..

अंदमान की सिलुलर जैल के भ्बहर ब्लॉग लेखक ..
भारत में अगर हरिद्वार, जग्गंनाथ पूरी, काशी, अयोध्या को  धार्मिक तीर्थ माना गया है तो अंडमान की जेल हमारा राष्ट्रीय तीर्थ स्थान है।..हर सच्चे भारतीय को उसमे जाकर एक बार उन शहीदों को शीश जरुर नवाना चाहिए जिन्होंने अपना जीवन व जवानी देश के लिए लगा दी 

अंग्रेजो के अंदमान निकोबार में बचे हुए खंडहर,,,,पाप व अत्याचार का विनाश जरुर होता है।..1906 में उन्होंने इसे बनवाया लेकिन 100 वर्षो में ही वह जो अपनी सत्ता का दंभ भरते थे उनकी मात्र निशानी ही बची है।..
अंदमान निकोबार में योग प्राणायाम .....एक नारियल के पेड़ की जड़ में बजी गुफा में।..


 
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